नानिंग में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता: भारतीय उद्यमियों के लिए स्थानीय वकील से सलाह क्यों ज़रूरी है
नानिंग में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता: भारतीय कारोबारियों के लिए व्यावहारिक गाइड भारत और चीन के बीच व्यापार संबंध लगातार गहरे हो रहे हैं। 2023 में द्विपक्षीय व्यापार 136 बिलियन डॉलर के पार पहुँच गया था, और दक्षिण चीन का गेटवे कहे जाने वाले नानिंग (Nanning) इस सिलसिले में एक अहम पड़ाव बन चुका है। आसियान (ASEAN) एक्सपो का स्थायी मेज़बान होने के नाते नानिंग में भारतीय उद्यमी — कृषि, टेक्सटाइल, फार्मा और नई ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में — तेज़ी से एंट्री ले रहे हैं। ...